- Rajesh sharma
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के 50 वार्डों में चुनाव किए रद्द
बांधवभूमि, न्यूज
देश
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के 50 म्युनिसिपल वार्ड में नए सिरे से चुनाव कराने का आदेश दिया है। यह आदेश एक जांच आयोग की उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान नॉमिनेशन प्रोसेस में बड़े पैमाने पर बाधा डाले जाने की बात कही गई थी। चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने 50 वार्डों (पटियाला जिले के 28 और मोगा के 22) में हुए चुनावों को रद कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश हाई कोर्ट की पूर्व जज निर्मलजीत कौर की अध्यक्षता वाले एक-सदस्यीय आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार करने के बाद दिया। स्थानीय निकाय चुनाव 21 दिसंबर, 2024 को हुए थे। आयोग की नियुक्ति 24 मार्च, 2025 को हुई थी और उसने 18 नवंबर, 2025 को अपनी रिपोर्ट सौंपी। बेंच ने कहा कि आयोग की मुख्य खोज यह है कि नॉमिनेशन की प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर रुकावटें डाली गईं। नॉमिनेशन पेपर छीन लिए गए, फाड़ दिए गए या नष्ट कर दिए गए और उम्मीदवारों के साथ मारपीट की गई, उन्हें हिरासत में लिया गया या धमकाया गया।
पंजाब सरकार उठाएगी खर्च
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी अधिकारी सहित किसी भी व्यक्ति द्वारा दोबारा चुनाव प्रक्रिया में दखल या रुकावट डालने से जुड़ी कोई भी शिकायत मॉनिटरिंग कमेटी से की जा सकती है। मॉनिटरिंग कमिटी और ऑब्जर्वर को मिलने वाला मानदेय हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस तय करेंगे। बेंच ने कहा कि मॉनिटरिंग कमिटी और ऑब्जर्वर के मानदेय और उससे जुड़े खर्च पंजाब सरकार उठाएगी। सरकार उन्हें जरूरी सेक्रेटेरियल, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिकल और सुरक्षा सहायता भी देगी। बेंच ने कहा कि दोबारा चुनाव की पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को एक रिपोर्ट सौंपी जाए। बेंच ने कहा कि दोबारा चुनाव की प्रक्रिया तभी पूरी मानी जाएगी जब सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस इस बात से संतुष्ट हो जाएं कि चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से कराए गए थे।