- Rajesh sharma
शक्ति का असली मकसद जनकल्याण और सशक्तीकरण
सबका विकास, सबका सशक्तीकरण भारत का दृष्टिकोण, नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम के आठवें संस्करण में बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
बांधवभूमि, न्यूज
देश
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कहा कि शक्ति का वास्तविक महत्व उसके उपयोग के उद्देश्य में निहित है। आज के दौर में प्रौद्योगिकी, डेटा, ज्ञान और नवाचार शक्ति के प्रमुख स्रोत बनकर उभरे हैं। इनका उद्देश्य केवल कुछ लोगों को लाभ पहुंचाना नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के लिए नए अवसर पैदा करना और उन्हें सशक्त बनाना होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत विकास की ऐसी अवधारणा में विश्वास करता है, जिसमें नियंत्रण के बजाय सशक्तीकरण, प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग और व्यक्तिगत सफलता के बजाय दूसरों की सफलता को प्राथमिकता दी जाती है। भारत अपनी प्रगति के साथ दुनिया के विकास में भी योगदान दे रहा है। जब भी वैश्विक समुदाय को सहयोग की आवश्यकता होती है, भारत अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए आगे आता है।
मोदी ने कहा कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन जैसी पहलों के माध्यम से वैश्विक कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया है। इन प्रयासों का उद्देश्य किसी एक देश या वर्ग को नहीं, बल्कि पूरी मानवता को लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ज्ञान, धन और शक्ति का उपयोग व्यापक जनहित के लिए करना भारत की प्राचीन परंपरा का हिस्सा रहा है। भारत में पहली बार आयोजित हो रहे इस फोरम में 500 से अधिक प्रभावशाली सरकारी और निजी क्षेत्र के नेताओं ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने आयोजन के लिए ब्लूमबर्ग के संस्थापक माइकल ब्लूमबर्ग की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज केवल निवेश का केंद्र नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के भविष्य को आकार देने वाला विश्वसनीय भागीदार भी है। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत समावेशी विकास और संतुलित वैश्विक आर्थिक व्यवस्था के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है।