राज्य
10-Oct-2026
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- Rajesh sharma



विदा हुए पितृ, आज पधारेंगी महाकाली

शक्ति की उपासना का प्रतीक शारदेय नवरात्रि पर्व प्रारंभ, चहुंओर छाया उल्लास

बांधवभूमि, न्यूज 

मध्यप्रदेश
उमरिया।
शक्ति की उपासना का प्रतीक पर्व शारदेय नवरात्र आज से प्रारंभ हो जाएगा। इस अवसर पर प्रात:काल ब्रह्म मुहूर्त मे समस्त देवी मंदिरों मे घट स्थापित किए जाएंगे। इस दौरान सुबह देवी मंदिरों मे श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी, वहीं सायंकाल गली-गली मां भवानी के आगमन का उत्साह होगा। आकर्षक पंडालों मे विधि-विधान के साथ जगदंबे की प्रतिमाओं को विराजित किया जाएगा और दसों दिशाएं मां के जयकारों से गूंज उठेंगी। वैदिक पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 27 मिनट से शुरू होकर 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 51 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार, 19 अक्टूबर को महाअष्टमी मनाई जाएगी। वहीं, नवमी तिथि 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 51 मिनट से शुरू होकर 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, 20 अक्टूबर को नवमी के दिन कन्या पूजन किया जाएगा। विजयादशमी पर्व पर माता महाकाली को विदाई दी जाएगी।

चला श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान का क्रम
इससे पूर्व शनिवार को अमावस्या पर पितरों को भावभीनी विदाई दी गई। विगत 27 सितंबर को श्राद्ध पक्ष प्रारंभ हुआ था। इस दौरान घरों मे पूरी श्रद्धा के साथ पितरों का श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान और ब्राह्मण भोजन जैसे अनुष्ठान किए गए। यह क्रम कल भी जारी रहा। उल्लेखनीय है कि श्राद्ध पक्ष मे अपने पूर्वजों की निर्वाण तिथि के अनुसार श्राद्ध किया जाता है, जबकि पितृमोक्ष अमावस्या पर उन पितरों का श्राद्ध होता है, जिनकी तिथि किसी कारणवश विस्मृत हो जाती है। मान्यता है कि विशेष पखवाड़े और अमावस्या पर श्राद्ध, तर्पण और दान करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और वे प्रसन्न होकर अपने वंशजों को दीर्घायु व सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। इसी के साथ श्राद्ध पक्ष के दौरान शुभ कार्यों तथा नई वस्तुओं की खरीदारी पर लगा अंकुश समाप्त हो जाएगा, जिससे बाजारों मे तेजी आने की संभावना है।

माता बिरासिनी दरबार मे विशेष तैयारियां
जिले की प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां बिरासिनी मंदिर मे आज ब्रह्म मुहूर्त मे घट स्थापित किया जाएगा। घट स्थापना के पूर्व मां जगत जननी का शृंगार होगा। तदुपरांत मंदिर के पट खोले जाएंगे। इस अवसर पर सैकड़ों की तादाद मे श्रद्धालु शक्तिस्वरूपा के प्रथम दर्शन के लिए उपस्थित रहेंगे। रविवार से शुरू हो रहे नौ दिवसीय पर्व के दौरान हमेशा की तरह देश-विदेश से श्रद्धालु मां की आराधना और ज्योति कलश स्थापना के लिए पहुंचेंगे। दसवीं शताब्दी के कलचुरी काल से जुड़े इस मंदिर मे ज्योति कलश और मनोकामना जवारा कलश की विशेष मान्यता है। मंदिर प्रबंधन समिति ने कलश स्थापना के लिए इस बार आजीवन घी ज्योति कलश के लिए 20 हजार, आजीवन तेल ज्योति कलश के लिए 12 हजार, घी ज्योति कलश के लिए 1,250, तेल ज्योति कलश के लिए 750 और मनोकामना जवारा कलश के लिए 100 रुपये शुल्क तय किया है। कलश स्थापना की रसीद मंदिर परिसर स्थित कार्यालय मे सुबह 8 बजे से कटवाई जा सकेगी।

सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम
नवरात्रि और दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने शांति समिति की बैठकें कर आयोजकों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। नवागत एसडीओपी ललित गठरे ने बताया कि दुर्गा पंडालों मे बिजली की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। मां बिरासिनी मंदिर मे अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए जरूरत पड़ने पर मार्ग डायवर्ट किए जाएंगे तथा पार्किंग के लिए अतिरिक्त स्थान की व्यवस्था की जाएगी।