राज्य
08-Oct-2026
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- Rajesh sharma



धन-धान्य कृषि योजना मे जिला तीसरे नंबर पर

नोडल आफिसर तरुण पिथौडे ने दी जानकारी, भ्रमण के उपरांत ली अधिकारियों की बैठक

बांधवभूमि, न्यूज 

मध्यप्रदेश
उमरिया।
जिले मे प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत किए जा रहे कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। अगस्त माह की समीक्षा मे उमरिया ने देशभर मे तीसरा स्थान हासिल किया। उक्त जानकारी नोडल आफिसर एवं भारत सरकार के आईएएस अधिकारी तरुण पिथौड़े ने दी। श्री पिथोडे ने गुरुवार को जिले का भ्रमण कर विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर योजना की प्रगति की समीक्षा की।

श्रीअन्न को देश भर मे मिले पहचान
बैठक मे पिथौड़े ने कहा कि कृषि के साथ अन्य संबद्ध क्षेत्रों मे किसानों की आय बढ़ाने और उत्पादकता को प्रोत्साहित करने के लिए जिले मे अच्छा कार्य किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से योजना के किसी एक क्षेत्र मे ऐसा उत्कृष्ट कार्य करने को कहा, जिससे उमरिया को देशभर मे पहचान मिल सके। उन्होंने जिले मे उत्पादित श्रीअन्न की गुणवत्ता और बेहतर पैकेजिंग के साथ उसके लिए बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

स्वरोजगार से जोडने की संभावना
उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों के आधार पर लोगों को विभिन्न क्षेत्रों मे प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जा सकता है। कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, ग्रामीण विकास और कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से किसानों को मिली सहायता से उनकी आय मे हुई वृद्धि का प्रचार-प्रसार भी किया जाना चाहिए, ताकि अन्य किसान प्रेरित होकर उत्पादन और आय बढ़ा सकें।

दलहन-तिलहन को प्रेत्साहन
कलेक्टर राखी सहाय ने बताया कि पहले जिले के किसान मुख्य रूप से धान का उत्पादन करते थे, लेकिन अब दलहन और तिलहन फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों को जैविक और प्राकृतिक खेती के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिले के एक गांव को प्राकृतिक खेती वाले गांव के रूप मे विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जहां सभी किसान रासायनिक खाद का उपयोग किए बिना प्राकृतिक खेती करेंगे।

डिजिटलीकरण की समीक्षा
बैठक मे कृषि उत्पादकता बढ़ाने, फसल विविधीकरण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, कृषि अधोसंरचना को मजबूत करने और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने सहित फसल बीमा, किसान सम्मान निधि और भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई। बताया गया कि कृषि यंत्रों के लिए जिले मे 348 आवेदन प्राप्त हुए हैं। चालू वर्ष में अब तक 7 हजार मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ है। पशुपालन विभाग ने 2 लाख 65 हजार पशुओं का टीकाकरण किया है, जबकि 16 हजार 706 पशुओं मे कृत्रिम गर्भाधान किया गया है। बताया गया कि जिले के किसान उत्पादक संगठनों से 4500 सदस्य जुड़ चुके हैं। किसानों को कृषि संबंधी जानकारी, तकनीकी मार्गदर्शन और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग से उत्पादन व आय मे हुई वृद्धि की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभय सिंह, उप संचालक कृषि संग्राम सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।