- Rajesh sharma
इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने बारहखंभा से सुप्रीम कोर्ट तक निकाला पैदल मार्च
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ दाखिल की याचिका, 10 पार्टियों के 11 विपक्षी नेता बने याचिकाकर्ता
बांधवभूमि, न्यूज
देश
नई दिल्ली। एसआईआर में गड़बड़ी के खिलाफ इंडिया ब्लॉक ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। जिसमें राहुल गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव समेत 11 विपक्षी नेता याचिकाकर्ता हैं। इसमें चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पार्टी बनाया गया है। इससे पहले विपक्ष के नेताओं ने बाराखंबा से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला। इस याचिका में एसआईआर को रोकने के साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई है। इससे पहले राहुल गांधी ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उनसे बात करने की कई बार कोशिश की है। दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक सवाल के जवाब में राहुल बोले कि हां उनके मैसेज आते हैं। ज्ञानेश कुमार यह प्रेस कॉन्फ्रेंस देख रहे हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं आप अपराधी नहीं है, आपसे बस करवाया गया है। सबसे आसान रास्ता है कि इस्तीफा दो और रास्ते से हट जाओ। इस मार्च में कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड$गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी (सपा) नेता अखिलेश यादव, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत इंडिया ब्लॉक के कई बड़े नेता और सांसद मौजूद रहे। सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से पहले ही इंडिया ब्लॉक के नेताओं का बस रोक दिया गया। इसके बाद राहुल, प्रियंका, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, नेहा बोरा समेत कई नेता पैदल मार्च करने लगे। हालांकि, मंडी हाउस में मार्च को रोक दिया गया है। वहीं पर सारे नेता चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इंडिया ब्लॉक के सांसदों में धर्मेंद्र यादव, संजय राउत, अरविंद सावंत, महुआ माझी, महुआ मोइत्रा और विपक्ष के अन्य नेता शामिल हैं। मार्च से पहले सभी नेता कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब में इक_ा हुए और विरोध प्रदर्शन के दौरान सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए।
यह शिवजी की बारात
इससे पहले राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि विपक्ष का मार्च शिवजी की बारात की तरह है, इसमें कोई भी शामिल हो सकता है। सीईसी ज्ञानेश कुमार से बात करने के सवाल पर राहुल ने कहा कि हां, उनके मैसेज आते हैं वो ये प्रेस कॉन्फ्रेंस भी देख रहे हैं। इससे पहले रविवार को विपक्षी सांसदों ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत को पत्र लिखा था और ज्ञापन सौंपने के लिए समय मांगा था।
जेल जाने तक विरोध जारी रहेगा
ईडिया ब्लॉक के विरोध मार्च के दौरान समाजवादी पार्टी सांसद आनंद भदौरिया ने कहा कि यह मार्च सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़ रहा है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की जा रही है और उन्हें जेल भेजने के लिए कार्रवाई की मांग की जा रही हैज् यह संघर्ष और विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक वह इस्तीफा नहीं दे देते और जेल नहीं भेजे जाते।
सुप्रीम कोर्ट को राजनीति मे न घसीटें:सीजेआई

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सोमवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों की राजनीति में नहीं घसीटा जाना चाहिए और किसी भी चीज से इसके कामकाज या वकीलों और याचिकाकर्ताओं की आवाजाही में बाधा नहीं आनी चाहिए। मुख्य न्यायाधीश ने यह टिप्पणी तब की जब वरिष्ठ वकील आत्माराम नाडकर्णी और प्रदीप राय ने वकीलों की हिरासत से संबंधित याचिकाओं का जिक्र किया। नाडकर्णी ने एक वकील द्वारा दायर याचिका का उल्लेख किया, जबकि एससीबीए अध्यक्ष राय ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका का जिक्र किया। एससीबीए की याचिका वकीलों की हिरासत और इंटरनेट निलंबन से संबंधित है। इन मुद्दों पर सुनवाई करने पर सहमति जताते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि ये सभी लोकतांत्रिक गतिविधियां होनी चाहिए, लेकिन कम से कम सुप्रीम कोर्ट के कामकाज में तो होनी ही चाहिए। नाडकर्णी ने कहा कि उनकी याचिका एक स्वतंत्र वकील की ओर से है, जिसमें वास्तविक कठिनाइयों को बताया गया है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मैंने प्रदर्शनकारियों से भी अपील की है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट को इसमें किसी भी तरह से घसीटा नहीं जाना चाहिए। शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करें। अदालत के कामकाज में, वकीलों की आवाजाही में, अदालत के कर्मचारियों की आवाजाही में, वादियों की आवाजाही में किसी भी तरह की बाधा या रुकावट नहीं होनी चाहिए।